PM नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर टि्वटर पर राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस क्यों कर रहा है ट्रेंड

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 72 वां जन्मदिन है। इस मौके पर जहां बीजेपी नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाये दे रहे है तो इस मौके पर विदेशो से भी मोदी जी जन्मदिन की बधाई मिल रहिए है। रूस के प्रेसीडेंट पुतिन ने भी मोदी जी को जन्मदिन की बधाई दी है.

मोदी जी के जन्मदिन के मौके पे नामीबिया से आठ चीते भारत लाये जा रहे है। अब इन चीतों को भारतीय वायु सेने के चिनुक हेलिकॉप्टर से कुनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें छोड़ा जाएगा इस मौके पे प्रधानमंत्री मोदी जी भी मजूद रहेंगे।

मोदी जी के जन्मदिन के मौके पर भारत के सभी प्रमुख विपक्षी दल के नेताओ ने भी उनको शुभकामनाये दी है इस कड़ी में राहुल गाँधी ने भी मोदी जी के जन्मदिन बधाई दी है

लेकिन इस मौके पे ट्विटर पर ट्रेंड के बीच मुकाबला भी दिलचस्प है : ट्विटर पर भी ट्रेंड के बीच एक तरह की रेस चल रही है, कभी राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस ट्रेंड कर रहा है तो कभी हैप्पी बर्थडे मोदी जी ट्रेंड में आगे निकल जा रहा है। हलाकि विपक्षी नेता बधाई देते हुए राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस को #टैग का इस्तेमाल कर रहे है।

१६ को ही यूथ कांग्रेस ने ऐलान किया था कि पीएम मोदी के जन्मदिन को यूथ कांग्रेस द्वारा ​’राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस’ मनाने का ऐलान किया गया था। इसकी तैयारियों में यूथ कांग्रेस पहले से जुटी हुई थी। इसके लिए नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे, राजधानी दिल्ली में पद यात्रा निकालने का भी ऐलान किया गया है।

देश के युवाओं के इस प्रदर्शन को प्रमुख विपक्षी दलों का समर्थन भी हासिल है , कई जगहों पर छात्र युवाओं के इस प्रदर्शन में विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं-नेताओं को भी शामिल देखा गया। पिछले ८ साल में युवा शक्ति को रोजगार के नाम पर सिर्फ झूठे आश्वासन मिले। बेरोजगारी आसमान छू रही है। ये कहना है छात्र नेताओ का ये कोई पहली बार नहीं हो रहा है। पिछले साल भी इस तरह की मुहीम चलाई गई थी।

यूथ कांग्रेस इसे बेरोजगारी दिवस के तौर पर मना रही है। उनका कहना है की अगर केंद्र सरकार रोजगार देती तो आज युवाओं को राष्ट्रीय बेरोजगारी दिवस के रूप में अपनी आवाज नहीं उठानी पड़ती।वही कुछ शहरो में बेरोज़गार युवकों ने अपनी डिग्रियों को गले में डालकर विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान युवकों ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को रोज़गार देने में पूरी तरह से असफल साबित हुई है.

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