शिवसेना में वर्चस्व कि जंग हुई तेज: महाराष्ट्र के सियायत में हाईवोल्टेज ड्रामा जारी है !

Maharashtra Political Crisis Live Updates: महाराष्ट्र में सियायत का हाईवोल्टेज ड्रामा अभी खत्म नहीं हुआ है .लगातार एक एक कर के पाला बदलने वाले विधयकों की वजह से शिवसेना पे शिंदे गुट पकड़ मजबूत होती जा रही है . और इस समय उद्धव ठाकरे का दबदबा लगातार कमजोर हो रहा है . हलाकि अभी इस राजनैतिक संकट का कोई समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। लेकिन इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता की अभी तक के ऐतहासिक राजनैतिक संकट से शिवसेना गुजर रही है।

मुंबई ताजा खबर : महाराष्ट्र (Maharashtra) में जारी सत्ता परिवर्तन की लड़ाई अब कानूनी दांवपेच (Legal Battles) में उलझती नजर आ रही है. अगर हम इस लड़ाई में कानूनन दांवपेच की बात करे तो यह सियासी संकट काफी लंबे समय तक चलने वाला हो सकता है. खबर ऐ है शिवसेना (Shiv Sena) ने अपनी सरकार बचाने के लिए एक सियासी चाल चल दी है. सीएम उद्धव ठाकरे के बैठक में शामिल न होने वाले 12 विधायकों के निलंबन के लिए शिवसेना ने डिप्टी स्पीकर को पत्र लिखा है. अगर डिप्टी स्पीकर ने इन 12 शिवसेना के विधायकों को निलंबित कर देते हैं तो यह मामला कानूनी दांवपेच में उलझ सकता है. इसके बाद बागी विधायकों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ सकता है और फिर ये लड़ाई अदालत के चौखट पे लड़ी जाएगी .

अब शिवसेना के असली चीफ व्हिप को लेकर विधान भवन में तकनीकी पहलुओं पर संघर्ष शुरू हो गया है. वही शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट के 12 बागी विधायकों की सदस्यता बर्खास्त करने के लिए डिप्टी स्पीकर को चिट्ठी भेजी गई है . तो दूसरी ओर एकनाथ शिंदे गुट ने 37 विधायकों ने हस्ताक्षर वाला पत्र राज्यपाल को देकर शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु की नियुक्ति पर ही सवाल खड़ा कर दिया है . शिंदे गुट ने कहा है कि चीफ व्हिप विधानसभा की कार्यवाही के दौरान ही लागू होता है पार्टी की मीटिंग के लिए नहीं.

अब इसका मतलब यही है कि मामला अब सिर्फ बहुमत साबित करने तक नही सिमित है बल्कि कानूनी लड़ाई की तरफ बढ़ता जा रहा है. शिवसेना में उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुटों की कार्रवाई को देखने पर लग रहा है कि अब संघर्ष लंबा खिंचेगा और दोनों ओर से पार्टी सिम्बल पे भी अपना अपना दावा ठोके गे . क्योंकि 37 विधायकों के साथ अगर एकनाथ शिंदे सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते भी हैं तो पहले 12 विधायकों वाली अर्जी पर फैसला जरूरी हो सकता है.

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को मिडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि हमारे पास 50 से ज़्यादा विधायकों का समर्थन है. इनमें शिवसेना के 37 से ज़्यादा विधायक हैं. उद्धव कैबिनेट के मंत्री ने कहा, ” जिन्हें हमारी भूमिका पर भरोसा है, जो बालासाहेब की आइडियोलॉजी को आगे लेकर जाना चाहते हैं, जिन्हें वो पसंद हैं, वो हमारे साथ आएंगे.”

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